ट्यूजडेज़ विथ मोरी
द्वारा मिच एल्बम
ट्यूजडेज़ विथ मोरी
Bhakti Yoga is a profound exploration of the path of devotion, presenting love, surrender, and spiritual discipline through the teachings of Swami Vivekananda.
इस पुस्तक के बारे में
एक गहरा और मार्मिक संस्मरण जिसमें मोरी श्वार्ट्ज़ के अंतिम महीनों का विवरण है, जो एक समाजशास्त्र के प्रोफेसर हैं, और उनके पूर्व छात्र मिच एल्बम के साथ उनकी साप्ताहिक बैठकें हैं। मोरी एएलएस से जूझते हुए अपने अंतिम विचार साझा करते हैं।
मुख्य अंतर्दृष्टि
अगर आपको पता चले कि आपके पास जीने के लिए केवल कुछ ही महीने बचे हैं, तो आप अपनी आखिरी सांसों को कैसे बिताएंगे? क्या आप दुनिया की भागदौड़ में उलझे रहेंगे या किसी ऐसी चीज़ की तलाश करेंगे जो भौतिक सुखों से परे हो? यही वह गहरा सवाल है जिसका जवाब देती है मशहूर किताब “Tuesdays with Morrie”।
मिच एल्बम की यह कृति एक ऐसी सच्चाई है जिसे बारह साल का बच्चा भी समझ सकता है: जीवन का असली अर्थ सफलता या पैसा नहीं, बल्कि दूसरों को प्यार देना और उसे स्वीकार करना है।
लेखक मिच एल्बम, जो एक व्यस्त पत्रकार हैं, अपनी ज़िंदगी की व्यस्तता में खोए हुए हैं। तभी उन्हें अपने कॉलेज के पुराने प्रोफेसर मोरी श्वार्ट्ज के बारे में पता चलता है, जो एएलएस (ALS) जैसी लाइलाज बीमारी से जूझ रहे हैं। मिच हर मंगलवार अपने ‘कोच’ से मिलने उनके घर जाते हैं। मोरी की शारीरिक शक्ति भले ही कम हो रही है, लेकिन उनका ज्ञान और जीने की ललक बेमिसाल है।
इस किताब का मूल मंत्र है—”ज़िंदगी विपरीत चीज़ों का एक ताना-बाना है।” मिच एल्बम लिखते हैं, “एक बार जब आप मरना सीख जाते हैं, तो आप जीना सीख जाते हैं।” मोरी का तर्क है कि हम समाज के बनाए उन नियमों में फंस गए हैं जो हमें सिर्फ उपभोग करने के लिए उकसाते हैं, जबकि ज़रूरत मानवीय जुड़ाव की है। [short pause] मोरी कहते हैं, “प्यार ही एकमात्र तर्कसंगत कार्य है।”
आलोचक अक्सर यह कहते हैं कि एक मरते हुए इंसान की बातें भावुक हो सकती हैं, लेकिन मिच एल्बम इसे एक तार्किक दृष्टिकोण से पेश करते हैं। वे दिखाते हैं कि कैसे मोरी ने डर को नकारा नहीं, बल्कि उसे पूरी तरह जिया। [sigh]
यह किताब महज़ एक यादों का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि एक अंतिम क्लास है। जब आप आख़िरी पन्ने तक पहुँचते हैं, तो मिच एल्बम की तरह आप भी खुद को बदला हुआ पाएंगे। क्या आप अपनी ज़िंदगी की भागदौड़ में भी उस एक मंगलवार का इंतज़ार करेंगे जो आपको जीने का सही अर्थ सिखा दे?