फाइव पॉइंट समवन
द्वारा चेतन भगत
फाइव पॉइंट समवन
Bhakti Yoga is a profound exploration of the path of devotion, presenting love, surrender, and spiritual discipline through the teachings of Swami Vivekananda.
इस पुस्तक के बारे में
यह उपन्यास तीन दोस्तों के बारे में है जो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में तीव्र शैक्षणिक दबाव से जूझते हैं और कम अंकों के कारण ‘फाइव-पॉइंटर्स’ कहलाते हैं।
मुख्य अंतर्दृष्टि
अपनी जवानी के उन दिनों में, जब चेतन भगत खुद एक इंजीनियर बनने की जद्दोजहद में फंसे थे, तब उन्हें महसूस हुआ कि कैंपस की चारदीवारी के भीतर केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि इंसानियत को कुचलने वाली एक दौड़ चल रही है। इसी घुटन और उस ‘माउस रेस’ से उपजी तड़प ने ‘Five Point Someone’ को जन्म दिया।
यह कहानी आईआईटी के उन तीन दोस्तों की है—हरी, रयान और आलोक—जो सिस्टम की नजरों में केवल ‘फाइव-पॉइंटर्स’ हैं, यानी वो नाकारा छात्र जो कभी टॉपर नहीं बन सकते।
हॉस्टल का वह कमरा, जहाँ किताबों की धूल उड़ रही है और बाहर की खिड़की से आती ठंडी हवा भी किसी भारी बोझ जैसी लगती है। वहां रयान का विद्रोही लहजा गूँजता है, “हम यहाँ सिर्फ डिग्री के लिए नहीं आए, हमें तो बस इस सिस्टम की बेड़ियों को तोड़ना है।” [short pause]
आलोक, जिसकी आँखों में गरीबी की मजबूरी और फेल होने का डर है, वह कांपती आवाज में पूछता है, “अगर हम इस दौड़ से बाहर हो गए, तो हमारा क्या होगा?” वहीं हरी, जो अपने प्यार और प्रोफेसर चेरियन की सख्ती के बीच खुद को पिसा हुआ पाता है, वह अंदर ही अंदर टूट रहा है।
चेतन भगत का लेखन यहाँ कांटों की तरह चुभता है, जहाँ वे लिखते हैं: “आईआईटी में ग्रेड्स केवल आपके दिमाग का नहीं, आपके अस्तित्व का पैमाना बन जाते हैं।”
यह कहानी केवल तीन लड़कों की नाकामी की दास्तान नहीं है। यह समाज की उस कठोर हकीकत का आईना है, जो यह तय करती है कि इंसान की कीमत उसके अंकों से है। क्या एक जीपीए (GPA) किसी इंसान की रूह का वजन बता सकता है? जब आलोक छत से कूदने की कोशिश करता है, तो क्या वह अपनी नाकामयाबी से भाग रहा था या उस दम घोंटू व्यवस्था से?